वराहमिहिर के प्रमाण

वराहमिहिर एक सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक थे। उन्हें उज्जैन के सम्राट से एक ग्रहदर्शन यंत्र तथा स्वचालित गति करने वाली मशीन प्राप्त हुई थी। उन्होंने अनेक ग्रंथों की रचना की।
आसन् मघासु मुनयः शासति पृथिवीं युधिष्ठिरे नृपतौ।
षट्द्विकपञ्चद्वियुतः शककालस्तस्य राज्ञश्च॥
सप्तर्षि मघा नक्षत्र में स्थित थे। यदि शकराज के काल में 2526 वर्ष जोड़ दिए जाएँ, तो वराहमिहिर द्वारा उल्लेखित सम्राट युधिष्ठिर का सही काल प्राप्त होता है (13)।
सायरस नामक शकराज का शक संवत् प्रचलन में था। डॉ. ई. वेदव्यास ने अपने शोधग्रंथ में लिखा है कि वराहमिहिर के अनुसार युधिष्ठिर के काल से संबंधित 2526 वर्षों में 550 ईसा पूर्व जोड़ने पर 3076 ईसा पूर्व का शासनकाल प्राप्त होता है।