घंडिकोटा आर्यम

घंडिकोटा परिवार को 1950 के दशक के उत्तरार्ध से चार पीढ़ियों तक भगवान श्री सत्य साईं बाबा के भक्त और अनुयायी बने रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

आर्यम पाँच घंडिकोटा भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनका जन्म 1948 में आंध्र प्रदेश, भारत के इरगावरम में हुआ, जो अपने वैदिक पंडितों के लिए प्रसिद्ध है। उनके पिता, श्री सुब्बा राव, 1949 में उच्च शिक्षा के लिए न्यूयॉर्क गए और 1951 में संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़ गए। आर्यम और उनकी माता, श्रीमती लक्ष्मी देवी सुब्बा राव, 1952 में अपने पिता के साथ रहने के लिए न्यूयॉर्क चले गए।

पेशे से परामर्शदाता विद्युत अभियंता, आर्यम ने 50 से अधिक वर्षों तक Electronic Associates, Bellcore, Lucent Technologies Bell Labs और AT&T Labs जैसी संस्थाओं में विद्युत, कंप्यूटर, दूरसंचार तथा सिमुलेशन प्रणालियों के क्षेत्र में कार्य किया है और इस दौरान विश्वभर की यात्राएँ की हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के लिए भी सलाहकार के रूप में सेवाएँ प्रदान की हैं।

आर्यम अपनी पत्नी बाला और अपने परिवार के साथ न्यू जर्सी, अमेरिका में रहते हैं। स्वामी ने उन्हें अनेक बार रोगों से मुक्त किया और कई जटिल एवं संभावित रूप से खतरनाक परिस्थितियों से बचाया। कई वर्षों तक संतान न होने के बाद, स्वामी की कृपा से इस दंपति को तीन संतानों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ, और तीनों के नाम भी स्वामी ने ही रखे—दो पुत्र, जयवर्धन और आर्यवर्धन, तथा एक पुत्री, विजयश्री।

आर्यम SaiDarshan.org के पीछे कार्य करने वाली टीम के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। यह श्री सत्य साईं बाबा को समर्पित प्रारंभिक वेबसाइटों में से एक थी, जिसे 1995 में स्वामी की कृपा एवं आशीर्वाद से प्रारंभ किया गया था। वे कई वर्षों से न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी, होल्मडेल और ईस्ट ब्रंसविक स्थित साईं केंद्रों में सक्रिय सेवा सदस्य एवं अध्ययन मंडली समन्वयक रहे हैं। वे साईं संगठन तथा विभिन्न धर्मों के संयुक्त कार्यक्रमों में नियमित रूप से वक्ता के रूप में भी संबोधित करते हैं। इसके अतिरिक्त, आर्यम ने हॉवेल, न्यू जर्सी स्थित Sarva Dharma Service Center में सलाहकार के रूप में भी सेवा प्रदान की है।

स्वामी की कृपा से घंडिकोटा परिवार को आज भी अनेक चमत्कारिक दिव्य उपचारों और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूतियों का आशीर्वाद निरंतर प्राप्त हो रहा है।